झारखंड में 31 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ने की सीएम ने की घोषणा कोई नई छूट नहीं

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झारखंड में 31 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ने की सीएम ने की घोषणा कोई नई छूट नहीं

 

क्रोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए झारखंड में 31 अगस्त 2020 तक लॉकडाउन जारी रहेगा। इस दौरान किसी और क्षेत्र में किसी तरह की कोई राहत नहीं मिलेगी। यानी मौजूदा समय में जो स्थिति है यहां आगे भी रहेगा। यह बात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहीं लॉकडाउन बढ़ाने के संबंध में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।

पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि राज्य में क्रोनाका उतार-चढ़ाव हो रहा है, सरकार की इस पर नजर है। 3 दिनों तक एक लाख टेस्ट का लक्ष्य रखा गया है। इसका अध्ययन किया जाएगा इसके बाद देखा जाएगा कि क्रोना का रेट क्या है। इसके अनुरूप ही राज्य सरकार लॉकडाउन में छूट देने या ना देने पर निर्णय लेगी। सीएम ने कहा कि राज्य में धीरे-धीरे जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है अभी पलामू में जांच आरंभ हुई है जल्द ही संथाल परगना में भी जांच आरंभ हो जाएंगे।

 

आपदा प्रबंधन ने सरकार को भेजा था प्रस्ताव

 

राज्य में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था । गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 1 अगस्त से नाइट कर फ्यू और जिम में छूट दी है लेकिन झारखंड में यह छूट अभी लागू नहीं है। हालांकि कंटेंटमेंट जॉन के बाहर जिन चीजों में राहत मिली हुई है वह जारी रहेगी लेकिन कई ऐसे सेक्टर है जिस परपहले की तरह रोक बरकरार रहेगी। सोशल डिस्टेंसिंग और मांस का उपयोग अनिवार्य रहेगा। दुकानों में 175 से ज्यादा व्यक्ति एक समय में मौजूद नहीं रह सकते हैं रेडीमेड गवर्नमेंट की दुकान में कपड़ों को चेंजिंग रूम में पड़ने पर रोक बरकरार रहेगी।

 

कोरोना वायरस के तेजी से हो रहे प्रयास को देखते हुए राज्य सरकार ने एक और सख्त कदम उठाया है मुख्य सचिव के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश में कहा गया है कि दूसरे राज्यों से झारखंड आने वाले लोगों को 14 दिनों तक पूरी तरह से होम कोरेटिन में रहना होगा इस अवधि में 18 वाली जगह से हुए किसी भी हालत में बाहर नहीं जा सकते और ना ही कोई अन्य व्यक्ति उस उससे किसी भी वजह से मिलने जा सकेगा।

अगर कोई व्यक्ति होम कोरेटिन है तो वहां पर शासन औचक निरीक्षण कर देखेगा कि नियम के तहत संबंधित व्यक्ति होम कोरेटिन ,है या नहीं हमको रेट इन वाले व्यक्ति के घर पर प्रशासन के स्तर से एक स्टीकर चिपकाया जाएगा जिस में कितने व्यक्ति को रेट इन हैं और कब तक इन्हें कोर्ट इन  कोरेटिन में रहना है इसका उल्लेख होगा इसके यहां ना तो कोई व्यक्ति घर के अंदर जाएगा और ना ही कोई व्यक्ति घर से बाहर जाएगा।

आपात स्थिति में कोर्ट इन में रहने वालों को प्रशासन एक नंबर देगा जिस पर कॉल करने पर सहायता मुहैया कराई जाएगी अगर प्रशासन या देखती है कि संबंधित व्यक्ति होम कोरेटिन इन के नियम को सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं तो उसे पेड़ को रेट इन सेंटर में ले जाया जाएगा बाहर से झारखंड में आए व्यक्ति की पहचान के लिए उनके हाथ की सभी उंगलियों के नाखून पर नहीं मिटने वाली स्याही लगाई जाएगी एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन और इंटर स्टेट बोर्ड पर क्यों बनाया जाएगा जहां पर हर आने-जाने वाले व्यक्ति का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा।

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