प्रवासी मजदूरों को 15 दिनों में घर पहुंचाएं

NEWS

प्रवासी मजदूरों को 15 दिनों में घर पहुंचाएं

क्रोना महामारी के बीच उच्चतम न्यायालय ने राज्यों को प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए 15 दिन का समय दिया है। अदालत ने कहा कि यह सिलसिला अनिश्चितकाल तक के लिए नहीं चल सकता।

फैसला सुरक्षित

प्रवासी कामगारों के मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश सुरक्षित रख लिया। अदालत ने कहा कि हम इस संबंध में मंगलवार को निर्देश जारी करेंगे। सभी प्रवासियों को परिवहन मुहैया कराने के लिए 15 दिन का समय देंगे। इसके साथ ही राज्य बताएंगे कि वह घर पहुंचे कामगारों को कैसे रोजगार और अन्य प्रकार की राहत प्रदान करेगी

पंजीकरण अनिवार्य

कोर्ट ने कहा कि सभी प्रवासियों का पंजीकरण अनिवार्य होना चाहिए। केंद्र की ओर से पेश होते हुए सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुसार हलफनामा दाखिल कर दिया है . केंद्र ने बताया कि विभिन्न राज्यों में श्रमिकों को उनके राज तक पहुंचाने के लिए और4 270 में लगाई गई है. इनमें यूपी 1625 रैली है केंद्र सरकार की ओर से बताया गया है कि अधिकतम ट्रेनें यूपी या बिहार ही जा रही है . हम राज्य सरकारों के संपर्क में हैं

पहले किराया ना लेने के निर्देश दिए थे

पहले शीर्ष अदालत ने 28 मई को निर्देश दिया था कि अपने पैतृक स्थान जाने के इच्छुक सभी प्रवासी कामगारों से ट्रेन या बसों का किराया नहीं लिया जाए
रास्ते में फंसे श्रमिकों को निशुल्क भोजन पानी मुहैया कराएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *